Krishna’s strength becomes weakness, now world No.2 Para shuttler | कमजोरी बनी कृष्णा की ताकत, अब दुनिया के नंबर-2 पैरा शटलर

जयपुर12 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

दो साल के थे तभी डॉक्टर्स ने कह दिया था कि लम्बाई ज्यादा नहीं बढ़ेगी। घर में भाई-बहन, माता-पिता सभी की हाइट नॉर्मल है लेकिन कृष्णा नागर की लम्बाई 4.6 फीट से आगे नहीं बढ़ सकी। तीन साल पहले तक अपनी हाइट को लेकर परेशान रहते थे कृष्णा।

गली में बच्चों के साथ बैडमिंटन खेलते थे। फिर जुलाई 2017 में एक दिन एसएमएस स्टेडियम आए और यहां बच्चों के साथ बैडमिंटन खेला। जयपुर बैडमिंटन संघ के सचिव मनोज दासोत और कोच यादवेन्द्र सिंह को इनका खेल अच्छा लगा। दोनों कृष्णा की आगे बढ़ने की संभावनाएं तलाशने लगे। तभी पता चला कि ये पैरा बैडमिंटन में हिस्सा ले सकता है।

दुनिया के नंबर वन और टू खिलाड़ी को हरा चुके हैं

इसके बाद से कृष्णा का पैरा बैडमिंटन का सफर शुरू हुआ। पैरा एशियन गेम्स, पैरा वर्ल्ड बैडमिंटन और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में न केवल मेडल जीत चुके हैं बल्कि दुबई में हुई दूसरी फाजा-पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में दुनिया के नंबर वन और टू पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों को क्रमशः सेमीफाइनल और फाइनल में हरा भी चुके हैं। इस समय कृष्णा की एसएस6 कैटेगरी में विश्व रैंकिंग दूसरी है। टोक्यो पैरालिंपिक के लिए क्वालिफाई भी कर चुके हैं।
मम्मी-पापा को विदेश घुमाना है
बैडमिंटन ने आपको सबकुछ दिया। अब क्लास वन ऑफीसर भी बन जाओगे। सबसे पहले क्या करोगे, पूछने पर उन्होंने कहा, बैडमिंटन खेलने के दौरान मैंने दो साल के मैं कई देशों में गया। मेरी ख्वाहिश है कि जल्द ही मैं अपने मम्मी-पापा को विदेश घुमाऊं। कोरोना की स्थिति नॉर्मल होने के बाद मैं यह जरूर करूंगा। एसएमस स्टेडियम में प्रैक्टिस कर दो साल में पैरा वर्ल्ड कप और पैरा एशियन गेम्स में मेडल जीते, अब फॉरेस्ट में बनेंगे एसीएस

अब वन विभाग में एसीएस बनेंगे कृष्णा

  • कृष्णा कहते हैं, जिस कम हाइट को लेकर मैं हमेशा परेशान रहता था वही मेरी ताकत बन गई। अब पैरा बैडमिंटन में दुनिया में मेरी पहचान है। इसी खेल के चलते अब मैं क्लास वन ऑफीसर भी बन जाऊंगा। कृष्णा का वन विभाग में एसीएस बनना तय हो गया है। उन्हें राजस्थान की आउट ऑफ टर्न सर्विस पॉलिसी में ग्रेड-1 अफसर बनाया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने खेलमंत्री अशोक चांदना को भी धन्यवाद दिया।

कृष्णा की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां
2018
थाईलैंड पैरा बैडमिंटन ब्रॉन्ज
एशियन पैरा गेम्स ब्रॉन्ज
2019
तुर्की पैरा बैडमिंटन 3 सिल्वर
फाजा दुबई पैरा बैडमिंटन 2 गोल्ड
आइरिश पैरा बैडमिंटन सिल्वर, ब्रॉन्ज
युगांडा पैरा बैडमिंटन 2 गोल्ड
जापान पैरा बैडमिंटन 2 गोल्ड
डेनमार्क पैरा बैडमिंटन सिल्वर, गोल्ड
थाइलैंड पैरा बैडमिंटन गोल्ड, सिल्वर
2020
ब्राजील पैरा बैडमिंटन सिल्वर
पेरू पैरा बैडमिंटन 2 गोल्ड

दो साल से नहीं दे पा रहे परीक्षा

कृष्णा सेंट विल्फ्रेड कॉलेज में बी.कॉम सेकंड ईयर में हैं। लेकिन कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलने और पैरालिंपिक की तैयारियों के चलते दो साल से परीक्षा नहीं दे पा रहे हैं।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *